साल 2011 की बात है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में पांच करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार हैं यह। सुशील कुमार को दुनिया केबीसी विजेता के रूप में ही जानती है। बिहार के सुशील कुमार कौन बनेगा करोड़पति सीजन 11 के विनर थे और उन्होंने उसमे 5 करोड़ रूपए जीते।


Google
जब वे इस शो में हिस्सा लेने पहुंचे थे, तब मोतिहारी में बतौर कम्प्यूटर ऑपरेटर काम करते थे। शो जीतने से ठीक पहले तक उनकी सैलरी मात्र छह हजार रुपए थी। 'केबीसी' में उन्हें 3 करोड़ 60 लाख रूपए मिले थे।केबीसी जीतने के बाद उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया था। कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले कुमार ने एक बार सरकारी अधिकारी बनने की ख्वाहिश की थी, लेकिन केबीसी की सफलता के बाद उन्होंने इस प्रयास को छोड़ दिया ।

क्या कंगाल हो गए थे सुशील कुमार?

Google
कुछ महीनों बाद मीडिया में खबरें आई थीं कि उनके रुपए खत्म हो गए हैं और उनके पास कोई जॉब नहीं है।
दरअसल, बात ये है कि एक बार उन्हें एक जर्नलिस्ट का फोन आया और उसने पूँछा कि शो में जीते हुए पैसों का क्या हुआ ? सुशील ने मजाक में बोल दिया कि पैसे खत्म हो गए और उसके बाद मीडिया के लिए यह खबर बन गई।

जीते हुए पैसे का बाद में क्या हुआ ?

Google
उन्होंने कर कटौती के बाद सिर्फ 3.6 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि ली, एक ऐसा घर बनाया जहां विस्तारित परिवार के 18 सदस्य एक साथ रहते हैं। वह एक बेटी, 5 और एक बेटे का पिता है। कुछ पैसे से अपने भाइयों के लिए बिजनेस शुरू करवाया। बाकी बचे पैसे उन्होंने बैंक में जमा करा दिए थे। जो रूपए उन्होंने बैंक में जमा कराये थे उसके ब्याज से उनके परिवार का खर्च चलता रहा और अब उनके पास करीब दो करोड़ रुपए हैं। साथ में उन्होंने कुछ गाय भी ली और वो भी उनकी आमदनी का ज़रिया है।

इन दिनों क्या कर रहे हैं सुशील कुमार?

Google
सुशील कुमार इन दिनों पर्यावरण के मसलों पर काम कर रहे हैं। बीते वर्ष उन्होंने एक अभियान चलाया था। 'द बेटर इंडिया' की एक खबर के मुताबिक, सुशील कुमार इन दिनों अपने इलाके में पौधे लगा रहे हैं।


Google
यह अभियान में सुशील कुमार ने बिहार के चंपारण में चलाया था। यहां पर उन्होंने करीब 70 हजार के करीब पौधे लगवाए हैं। उन्होंने ये अभियान पिछले साल विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर यानि 22 अप्रैल 2018 के दिन शुरू किया था।


Google
समाज सेवा और पर्यावरण को बचाने के कार्यों में भी ज़ोर शोर से लगे हुए है सुशिल कुमार अब समाज सेवा और पर्यावरण सक्रियता में हैं। वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 100 बच्चों की शिक्षा का वित्त पोषण करते है। साथ ही वह घर की गौरैया की रक्षा के लिए एक अभियान में शामिल है, जिसकी संख्या हाल के दिनों में बहुत कम हो गई है