समाधि में लीन हुए बाबा ने भक्तों को बताई स्वर्ग जाने की बात, जब सामने आई सच्चाई तो...
शिमला के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र सुन्नी के बंसतपुर महाकाल मंदिर में समाधि में लीन बाबा स्वर्ग में नहीं बल्कि उज्जैन में प्रकट हुए हैं। उनके शिष्यों ने बाबा की सच्चाई का खुलासा किया है। सच्चाई यह है कि बाबा लोगों को चकमा देकर भाग निकले। जहां भक्तों ने बाबा को चमत्कार बताया था, वहीं यह पाखंडी बाबा सामने आया है। यह बाबा उज्जैन में है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बाबा के स्वर्ग जाने की अफवाह न फैलाएं। यह सब सही नहीं है। बाबा के एक शिष्य ने पुलिस को बताया कि उसने उससे बात की है। वह उज्जैन में है। बाबा को लेने के लिए एक या दो दिनों के भीतर, स्थानीय लोगों की एक टीम उज्जैन जाएगी और उसे वापस सुन्नी लाया जाएगा।
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बता दें कि बाबा देवेंद्र नाथ ने अपने भक्तों को 9 दिनों तक समाधि में लीन रहने के बारे में बताया था। बाबा के फरार होने का सच भी यहीं से पता चलता है कि बाबा समाधि में लीन होने के लिए 5 फीट के गड्ढे में बैठे थे। जब बाबा गड्ढे के अंदर बैठे थे, तो भक्तों ने गड्ढे के ऊपर चढ़कर ऊपर से मिट्टी डाली। गड्ढे के ऊपर नौ दीपक जलाए गए। भक्त प्रतिदिन यहां आते-जाते थे। 9 दिन बाद जब बाबा को गड्ढे से बाहर निकालना चाहा गया, तो वह उसमें नहीं था।
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बताया जा रहा है कि बाबा को रात में बाहर निकाला गया था और वह उज्जैन गए थे। यहां यह स्पष्ट है कि जब प्लाई को 5 फीट के गड्ढे के ऊपर रखा गया था, तो ऐसी स्थिति में बाबा आसानी से बाहर निकल सकते हैं। लोगों को सार्वजनिक रूप से मूर्ख बनाया गया था। गौरतलब है कि पिछले दिनों जब बाबा के लापता होने की बात सामने आई थी तो लोगों को आड़े हाथों लिया गया था।
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डीएसपी सिटी शिमला दिनेश शर्मा ने कहा कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है। पुलिस को कुछ जानकारी मिली है कि वह उज्जैन में है। बाबा के असली पते के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। बाबा उज्जैन कैसे गए हैं यह बाबा की बैठक के बाद ही पता चलेगा

