यहां शादी से पहले लड़कियां मनाती हैं सुहागरात
दुनिया के लगभग सभी देशों में शादी से पहले संबंध बनाने की इजाजत नहीं है। लेकिन कई देशों में कुछ ऐसे आदिवासी समुदाय हैं, जहां लड़कियों को काफी छूट हासिल है। यहां पर आदिवासी समुदायों की लड़कियां अपनी मर्जी से पार्टनर का चुनाव करती हैं और फिर उससे शादी करती हैं। पार्टनर का चुनाव करने के दौरान वह उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाती हैं। यहां इसे आपत्तिजनक नहीं माना जाता और इसे उनके समुदाय में पूरी तरह मान्यता मिली हुई है। बताया जाता है कि इसमें लड़की के घर वाले उसका सहयोग भी करते हैं।
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लव हट्स में लड़कियां बिताती हैं रात
यहां पर जब लड़कियां किशोरावस्था को पार कर जवानी की दहलीज पर कदम रखती हैं, तब वे अपने मनचाहे पार्टनर के साथ एक झोपड़ी में रात बिता सकती हैं, ताकि अपने पार्टनर को अच्छी तरह जान सकें और उसके साथ संबंध भी बना सकें। उनके समाज में शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाना बुरा और अनैतिक नहीं माना जाता। यहां लड़की के मां-बाप खुद अपनी बेटियों के लिए घर से दूर एक झोपड़ी बनाते हैं, जहां वह अपने प्रेमी के साथ विवाह के पहले रहती है। इसे ही लव हट्स कहते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत के कुछ आदिवासी समुदायों में इसी से मिलती-जुलती प्रथा है, जिसे 'घोटुल' कहते हैं।
पार्टनर के साथ रहने से लड़कियों का बढ़ता है आत्मविश्वास
कंबोडिया के उत्तर-पूर्वी इलाके में क्रेउंग नाम की जनजाति पाई जाती है और इनके बीच शादी के पहले ही पार्टनर के साथ लड़कियों के संबंध बनाने की परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है। यहां इस समुदाय के लोगों का मानना है कि इससे लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपने पार्टनर की खूबियों-खामियों को भली-भांति जान लेती हैं। यहां उन्हें अपना पार्टनर बदलने की भी छूट है और वे अजनबी लोगों के साथ भी लव हट्स में रात बिता सकती हैं। इसे बेहतर जीवन साथी तलाशने का एक जरिया भी माना गया है। जानकारी के लिए बता दें कि आदिवासी समुदायों में ....... को लेकर वह धारणा नहीं है, जो दूसरे समाजों में प्रचलित है।
