ईसागढ़ जनपद के ग्राम देवतखिरिया में मंगलवार की रात एक शादी अधूरी रह गई। यहा वरमाला की रस्म के बाद दुल्हन को दूल्हा पसंद नहीं आया, तो उसने शादी करने से मना कर दिया और फिर इस कारण बरात बिना दुल्हन के लौट गई।

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सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार खिरियादेवत निवासी भगवानलाल कुशवाह की बेटी सोनम की शादी शिवपुरी जिले के ग्राम इंदार निवासी शिवचरण कुशवाह के पुत्र प्रतापभान सिंह कुशवाह से तय हुई थी। यहा कई दिनों से दोनों घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं और फिर 25 जून की रात प्रतापभान सिंह की बरात खिरियादेवत गांव आई।

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धूमधाम से बरात निकलने के बाद वरमाला भी हो गई। लेकिन इसके बाद अचानक दुल्हन सोनम ने शादी करने से मना कर दिया। आठवीं तक शिक्षित सोनम का कहना था कि लड़के को सिर्फ मेरे पिताजी ने देखा था। मुझे शादी से पहले न लड़का दिखाया गया और न ही उसका फोटो दिखाया।
मेंने पहली बार बरात में ही लड़के को देखा और वह मुझे पसंद नहीं आया। इसलिए मैंने शादी से मना कर दिया। दोनों के परिजनों, रिश्तेदारों ने भी समझाया, लेकिन सोनम नहीं मानी। कहासुनी की स्थिति बनने पर वर पक्ष ने फोन कर पुलिस बुला ली। हालांकि, रिश्तेदारों का कहना था कि शादी से पहले लड़का-लड़की को एक-दूसरे से मिलवाना चाहिए था।

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दूल्हे के पिता बोले-गोत्र के कारण शादी निरस्त की
इधर, दूल्हे प्रतापभान सिंह के पिता शिवचरण कुशवाह का कहना था कि गोत्र के कारण शादी निरस्त की गई है। हमारा गोत्र सकोरिया है और दुल्हन का गोत्र सिलोरिया है और दोनों गोत्र में आपस में शादी नहीं हो सकती। इसलिए मौके पर ही समाज के पंचों ने पंचनामा बनाकर दोनों पक्षों का सामान व खर्चा भी वापस करा दिया। इसके बाद बरात लौट गई।